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कोरोना से पहले कोरोना के बाद

नवभारत परिवार के सभी सदस्यों को सप्रेम नमस्कार के साथ साथ एक छोटा सा निवेदन।🙏


कृपया उन सभी लेनदारों का दिल से सम्मान करे, जिन्होंने आपसे लॉकडाउन के पूरे दो महीने मे कभी रक़म की वसूली के लिये एक बारभी नहीं पूछा।


किसी भी आर्थिक वर्ष या बिज़नेस ईयर का सबसे महत्वपूर्ण महीना मार्च भी इसी बीच गुजर गया। जिन परिस्थितियों से आप गुजर रहेथे, वही परिस्थिति उन पर भी लागू रही होगी। आय उनकी भी बंद थी, खर्च उनके भी चालू रहे होंगे। अपने परिवार के अलावा अपने कर्मचारियों के कई और एैसे परिवारों की ज़िम्मेदारी उन पर रही होगी, जो वे किसी तरह निभाते रहे होंगे।


इलेक्ट्रिक बिल, दुकान, गोदाम किराया, बैंक की किश्तें और टेलिफोन मोबाईल के बिल उनके भी पेंडिंग रहे होंगे। अंतिम क्वार्टर के ३महीनों के टैक्स की चिंता करते करते इस साल के अप्रेल और मई की टैक्स लाईबेलिटी भी उनके सामने खड़ी होगी।


उनका कोई बॉस भी नहीं है, जिससे वे एडवांस सैलरी की रिक्वेस्ट कर सके।


बीस लाख करोड़ के राहत पैकेज में से एक कौड़ी भी उनके लिए नहीं है। उल्टा इस पैकेज में टैक्स के रूप में योगदान करने की टॉस्क भी उन्हीं को मिलने वाली है।

जितना कठिन समय उन्होंने बिताया है, उससे कहीं ज़्यादा आगे उनके सामने खड़ा है। एैसे समय में जब अब बाज़ार धीरे धीरे खुलने जा रहा है, आप सभी का कर्तव्य है,कि उन सभी व्यापारियों, लेनदारों, संस्थाओ, मालिकों का सहयोग करे।


चाहे आप ग्राहक हो, या डीलर, या स्टॉफ या कर्मचारी। मेहरबानी कर के इस पूरे साल में उनके लिये अपना योगदान और सहयोग दुगूना या कई गुना कर दे। रक़म की अदायगी और भुगतान हो या फिर माल की विक्री या सेवा। या फिर स्टॉफ की मेहनत।


किसी भी छोटे बड़े हर बिज़नेस में शामिल हर व्यक्ति चाहे वह मैन्यूफ़ैक्चरर हो, डिस्ट्रीब्यूटर हो, होलसेलर हो, रिटेलर हो, ग्राहक हो, या मैनेजमेंट या स्टॉफ कर्मचारी हो, सभी एक दूसरे पर निर्भर होते है। हर किसी को एक दूसरे का सहयोग करना होता है। खुद आत्मनिर्भर बनने के लिये सबसे आवश्यक है, अपने आसपास में सभी को आत्मनिर्भर बनने में सहयोग करना।


देश, समाज और व्यवसाय की प्रगति के लिये आवश्यक है, कि सभी तरह के व्यवहार और लेनदेन सुचारू रूप से चले।


इस लॉकडाउन ने हम सभी को ये सिखा दिया है, कि हमारी और हमारे परिवार की जीने की कुल ज़रूरतें कितनी है, और हमारी ज़िंदगी में सबसे महत्वपूर्ण क्या है। कौन व्यक्ति हमारे लिये कब और कितना महत्वपूर्ण है, और आगे जीवन में किन चीजों को जोड़ सकते है, औरकिन्हे घटा सकते है।


उम्मीद है हम सभी ने इस कोरोना लॉकडाउन से कोई न कोई सबक़ अवश्य सीखा होगा। यदि आपका माईंडसैट और लाईफस्टाईल जो कोरोना से पहले था, वही आगे भी रहने वाला है, तो फिर एैसा समजकर चलिये कि आपने ये दो महीने का वैकेशन बिल्कुल बर्बाद कर दिया है। धन्यवाद।

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